Monday, 11 July 2016

ब्रक्छा रोपण-------- समाचार है की ११ जुलाई को संपूर्ण प्रदेश में मुख्य्मंत्री की अगुवाई में ५ करोड़ ब्रक्छों का आरोपण किया गया !देश और प्रदेश की सरकारें पर्यावरण के प्रति बहुत अधिक जागरूक दिखाईं दे रही हैं !बहुत से गैरसरकारी और सामाजिक संगठन भी पर्याबरण सुधार के लिए कार्य कर रहे हैं !सभी लोग यह महसूस करते हैं कि प्राणिमात्र  के पृथवी पर असितत्तव के लिए जल जंगल और जमीन की रक्छा और सुरक्छा की बहुत आवश्यकता है ! उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश बिगत तीन सालों से भयानक सूखे से पीड़ित रहें  है ! फसलें नहीं हुई !सरकारों ने बहुत से राहत कार्य भी चलाये !किसानों ने आत्महत्याएं भी की !बहुत से सामजिक संगठनो ने ब्रक्छों और जल के संरक्छण  के लिए उपयोगी सुझाव अपने भाषणों से दिए  और जमीन के होने वाले उत्खनन पर भी बंदिश लगाने की बात की !जल संरक्छण का कार्य सिंचाई विभाग करता है! प्रदेश में समय .समय पर सूखा पड़ता  रहता है !और भारी बरसात भी होती है !जब भारी  बरसात होती है !तो बरसात के जल का भंडारण नहीं किया जाता है !परिणाम स्वरुप बरसात से बाढ़ भी आती है !और पानी भी व्यर्थ में बाह जाता है !यदि जल का सही प्रवंधन किया जाय तो जल का अभाव तो प्रकृति ही समाप्त कर देगी !लोगों को जल की बून्द ,बून्द बचाओ इसके लिए भाषण नहीं देने पड़ेंगे !जल संरक्छण के लिए बड़ी योजनाएं बनती है !धन की व्यबस्था भी की जाती है !किन्तु जलसंरक्छन् नहीं हो पाता है !इसके लिए आवण्टित फण्ड कहाँ जाता है ? इसी प्रकार पृथ्वी से मिट्टी और पहाड़ों से गिट्टी तथा नदियों से बालू अदि के संरक्छण के लिए भी विभाग है !इसके बाद भी अवैध उत्खनन ,बालू ,गिट्टी आदि की निकासी भारी मात्र में होती रहती है 1बन विभाग ब्रक्छों की रक्छा और सुरक्छा तथा ब्रक्छा रोपण का कार्य करता है !इसके बाद भी ब्रक्छों की अवैध कटाई से जंगल ब्रक्छ विहीन हो गए हैं !प्रत्येक बर्ष ब्रकछा  रोपण होता है !ब्रक्छों के पौधों का संरक्छण किया गया होता !तो संपूर्ण प्रदेश ब्रक्छों से आच्छादित हो गया होता !देश आजाद है !चपरासी से लेकर अधिकारियों तक सभी भारतीय काम करते हैं !मंत्री ,प्रधान मंत्री ,मुख्य मंत्री आदि सभी भारतीय हैं! सभी प्रकार के सामजिक संगठन भी भारतीय ही संचालित करते हैं !सभी पर्यावरण के दूषित होने से होने वाले घातक परिणामों से चिंतित है ! फिर भी इसमें साधनों के बाद भी सुधार क्यों नहीं हो पा रहा है ? यह भारत भूमि हजारों नदियों और तालाबों और पोखरों के बाद भी सूखा और बाढ़ से ग्रस्त क्यों होती है ? हिमालय और विंध्याचल जैसे और अनगिनित पहाड़ों के होते हुए भी इसके अवैध कटान क्यों जारी हैं ? भूमि से अवैध उत्खनन  और नदियों से  अवैध बालू निकासी कैसे हो रही है  ?ब्रक्छों से लदी यह भारत भूमि ब्रक्छ विहीन क्यों होती जा रही है !? ये विचारणीय गम्भीर प्रश्न है !और इनका समाधान सिर्फ हम सबके  पास है

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