भगवान श्रीकृष्ण और जामबंत का युद्ध हरवंश पुराण में बताया गया है !जो
महाभारत का ही एक भाग है !महाभारत में भगवान परशुराम की भी कथा कई प्रसंगो
में आई है उनका और भीष्म पितामह का २३ दिन तक युद्ध हुआ है !बे कौरव सभा
में दुर्योधन को पांडवों से युद्ध न करने के लिए भी समझाते हैं !जब
युधिस्ठर ने राजसूय यज्ञ किया था !तो सहदेव ने भीम के पुत्र घटोत्कच को
श्री लंका में भेजा था !जहाँ उसने लंका के राजा बिभीषण से भेंट की थी !और
बिभीषण ने युधिस्ठर को बहुत से हीरा मोती बस्त्र और बहुमूल्य उपहार भेंट
स्वरुप भेजे थे ! भगवान राम के द्वारा निर्मित पुल को भी घटोत्कच ने देख
कर कहा था कि यह वही पुल है! जो भगवान राम ने समुद्र पर करने के लिए बनबाया
था ! अगस्त ऋषि के भी कई प्रसंग महभारत में हैं ! अगस्त का लोपामुद्रा के
साथ विवाह होता है ! जिस से उनको एक पुत्र कि प्राप्तिहोती है ! जिस से
उनके पितरों का पितृलोक से पतन रुकता है ! राम रावण युद्ध त्रेता के अंत के
समय हुआ था !जैसे ही राम रावण युद्ध समाप्त हुआ द्वापर आ गया था !इसी
प्रकार महाभारत का युद्ध भी द्वापर के अंत में हुआ था !जैसे ही भगवान श्री
कृष्णा का स्वलोक गमन हुआ कलियुग आगया था ! इस तरह रामायण काल के जामबंत
मयासुर हनुमान आदि के अलावा ये पात्र भी रामायणकाल में थे और महाभारत काल
में भी थे
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