कल्याण पत्रिका अपने जन्म से ही वैदिक धर्म और अध्यात्म का शुद्ध और श्रेष्ठ तथा तत्त्व निष्ठ स्वरुप प्रस्तुत करती रही है !और आज भी ढोंगी सन्यासी ,योगी और संत तथा भोगी ,स्वादू और साधुओं की भीड़ में उज्जवल संत परंपरा का अनुसरण कर रही है !महान वैरागी प्राचीन और आधुनिक संतों के उत्कृष्ट आख्यान कल्याण में प्रकाशित होते हैं !और बे अत्यन्त अल्प मूल्य में संसार के सभी धर्म प्रिय लोगों को प्राप्त कराये जाते हैं ! धर्म का चोला पहन कर भोग विलास करने का दण्ड भगवान् द्वारा कर्म फल भोग से विभिन्न योनियों में जन्म लेने से होता है !जो भगवान के साथ धोखा धड़ी करते हैं !बे वैदिक धर्म के विधान के अनुसार अधोगति कोप्राप्त कर कीड़े ,मकोड़े की योनि प्राप्त करते हैं !और रौरव नर्क में गिरते हैं !ऐसी ही एक घटना कल्याण में प्रकाशित हुई थी !एक मेढक एक छोटे कुए में रहता था !उसके शरीर का आकार बढ़ जाने के कारण वह कुएं में फस गया !जिस से पानी लेने वालों को कुए से पानी प्राप्त होना बंद हो गया !एक व्यक्ति प्रतिदिन मेढक की पीठ को बाल्टी से मार् कर घायल कर देता था मेढक नई इसव्यक्ति की दुष्ट ता से पीड़ित हो कर भगवान् का स्मरण किया !मेढक की आर्त पुकार सुनकर भगवान प्रगट हुए !उन्होंने मेढक से पूंछा की बताओ तुमको चोट पहुँचाने वाले व्यक्ति कोक्या दण्ड दिया जाय ? मेढक ने कहा प्रभु आप इसको किसी बढे प्रतिष्ठित धार्मिक श्रद्धा के केंद्र मठ का महंत बना दें !भगवान् ने कहा तुम तो इस दुष्ट व्यक्ति को वरदान दे रहो !यह व्यक्ति महंत बनेगा तो यह लोक में प्रतिष्ठा प्राप्त करेगा !लाखों लोग इसके चरणों का स्पर्श करेंगे !इसके अनुयायी ,और शिष्य ,नेता ,अभिनेता ,धन्ना सेठ और सुन्दर युवतियां होंगी !मेढक ने कहा प्रभु में भी पिछले जन्म में ऐसा ही सम्मान और श्रद्धा प्राप्त महंत था !मेने योग और तपस्या ,इंद्रिय संयम आदि के स्थान पर गृहस्थों से ज्यादा भोग किया और संत ,महंत के आध्यात्मिक आदर्शों का पालन नहीं किया !उनको दूषित किया !परिणाम स्वरुप मुझे मेढक का जन्म मिला !और अभी ना जाने कितनी अधम कूकर सूकर की योनियों से गुजरना पड़ेगा !इसीलिए इस व्यक्ति में बरदान नहीं देरहा हूँ !इसको अनन्त जन्मों तक इस दुष्टता के लिए दण्ड दे रहाहूँ !इन भोगी और ढोंगी संतों .महंतों को दण्ड ईश्वरीय विधान के अनुसार अवश्य प्राप्त होगा ! वैदिक धर्म ग्रंथों में कहा गया है !ढोंगी संत ,महंतों का जन्म कूकर ,सूकर की योनियों में होता है !
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