Tuesday, 19 July 2016

सांसद जनप्रितिनिधि होता है !इसलिए उसमे उसके चुनने वाले मतदाताओं का दर्शन होना चाहिए !जो आर्थिक स्तर मतदाता का है ! और जो उसका जीवन स्तर है वही स्तर जनप्रिनिधि का भी होना चाहिए !किन्तु जनता और जनप्रितिनिधि के जीवन स्तर में जमीन आसमान का अंतर है !गांधी जी ने लंदन में गोलमेज परिषद में बोलते हुए कहा था ! कि हिंदुस्तान की गरीबी को बिना आजादी के ख़त्म नहीं किया जा सकता है !जब पत्रकारों ने गांधी जी से पूंछा था ! कि आजाद भारत में गरीबी कैसे समाप्त होगी ! और लोकतंत्र का क्या स्वरुप होगा ? गांधी जी ने कहा था ! आजाद भारत का समाज स्वाबलम्बी समाज होगा !वह अपनी आवश्यकताओं के लिए सरकार का मुहताज नहीं होगा !जनप्रतिनिधिओं को कोई बेतन नहीं दिया जायेगा सिर्फ यात्रा भत्ता और भोजन भत्ता दिया जाएगा !मंत्रिपद पुरुष्कार नहीं होंगे !मंत्रियों को साफ़ सुथरी झोपड़ी रहने को दी जाएंगी तथा उनका मासिकबेतन ४०० रूपए प्रति माह होगा !वाइसराय भवन जिसमे अब राष्ट्रपति रहते हैं !में जनता के लिए अस्पताल खोला जाएगा !पहली लोकसभा के सदस्यों को बेतन नहीं दिया जाता था ! जब संसद चलती थी तो भत्ता दिया जाता था !

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