कश्मीरियत क्या है ?---------- कुछ लोग स्वार्थ बस और कुछ लोग अर्ध ज्ञान या अज्ञान से गुमराह हो जाते हैं !फिर ये मुट्ठी भर लोग और लोगों को गुमराह करते रहते हैं !भारत इस समय इन गुमराह मुट्ठी भर लोगों के कारण सभी प्रकार की धार्मिक और सामाजिक और राजनैतिक समस्यायों से ग्रस्त हो गया है ! आजादी के तत्काल बाद से ही इन समस्यायों का बीजा रोपण होगया था !जो अब ब्रक्छ के रूप में विकसित होगयी है !कश्मीर समस्या उन्ही ज्वलंत समस्यायों में से है !गांधीजी ने इस समस्या को रुई के ढेर पर रखी जलती दिया सलाई कहा था ! जम्मू कश्मीर------- कश्मीर घाटी, जम्मू और लद्दाख से मिलकर बना है !कश्मीर इस्लाम के प्रवेश के पहले सम्पूर्ण सनातन धर्मी था !यह वैदिक धर्म का केंद्र था !यह वह स्थान था !जहाँ से आध्यात्मिक अमृत धारा बहती थी !आदि शंकराचार्य से लेकर अनेकों शीर्सस्थ संत ,महात्माओं की साधना का यह साधना और तपस्या का पूण्य छेत्र रहा है ! कहा जाता है की जीसस कृष्ट भी यहाँ साधना के लिए आये थे .! इस भूमि में हिन्दू धर्म के अमरनाथ,वैष्ण्व देवी ,शंकराचार्य आदि के महान तीर्थ स्थल हैं !जहाँ साल भर श्रद्धालुओं का ताँता लगा रहता है !कश्मीर घाटी मुसलिम बहुल हैं !यही सर्वाधिक अशांति और उपद्रव का केंद्र है !यहीं पर इस्लामिक उग्र बाद सक्रिय है !जम्मू और लद्दाख अपेक्छा कृत शान्त हैं !लद्दाख में बौद्ध और जम्मू में हिन्दू अधिक हैं !अलगाव वादी आतंक वादी घाटी की इस्लामिक धर्म संस्कृति को ही कश्मीरियत कहते हैं !इसी की रक्छा के लिए बे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हैं! तीर्थ यात्रियों पर हमले करते हैं ! कश्मीरी पंडितों को घाटी से पलायन करने को मजबूर कर देते हैं !उनका घरबार लूट लेते हैं और सेकंडों मंदिर तोड़ देते हैं !और इसी कश्मीरियत की रक्छा की वह बात करते हैं !भारत में ही कुछ लोग इसी कश्मीर की आजादी की बात और समर्थन करते हैं !सुरक्छा बलों और सैनिकों की कुर्वानी के लिए उनके दिल दिमाग में कोई दर्द नहीं है ! किन्तु आतंकवादियों की मृत्यु उनको सहादत दिखाई देती है !ये आस्तीन के सांप हैं!असली कश्मीरियत १४०० साल पुरानी है !जिसके स्मृति चिन्ह आज भी पवित्र भूमि कश्मेरु (प्राचीन नाम ) जो कश्यप मुनि का साधना छेत्र रहा है !जिसको ये तथाकथित आतंकवादी नष्ट कर रहे हैं ! कश्मीरियत है !और इसकी रक्छा करना हम सबका उत्तरदायित्तव है !और इसके लिए सरकार को इसे आतंकवाद से मुक्त करना चाहिए
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