महाराणा
प्रताप पृथ्वीराज चौहान शिवाजी आदि महान भारतीय योद्धाओं का सही
मूल्याङ्कन नहीं किया गया !और आजाद भारत में भी इन देशभक्त बीरों की गौरव
गाथा छात्रों तक नहीं पहुंचाई गयी !देश आजाद तो हुआ किन्तु गुलाम भारत में
जिस तरह भारत पर हमला करने वाले मुगलों तुर्को और अंग्रेजो का गुण गान किया
जाता था !वही गुण गान आज़ाद भारत में भी जारी रहा !उस इतिहास को भले ही हम
देश में हुए विशाल धर्म परिवर्तन और परिवर्तित धर्माबिलाबिओं की मुग़लों और
अंग्रेजी शाशकों के प्रति श्रद्धा आस्था और विश्वास के कारण उसको बदल न
सकें !किन्तु भारत में जन्मे और मातृभूमि के लिए शहीद हुए जिनमे भारत की
आत्मा का दर्शन होता है ऐसे इन बीर सपूतों को हम सही और आदरयुक्त स्थान तो
इतिहास में दे ही सकते हैं ! जिस से उनको अब तक वंचित रखा गया है !और देश
की गौरव शाली परम्परा से युवाओं को भी वंचित रखा गया है !
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