ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री की शपथ ईश्वर अल्लाह के नाम से लेकर इस्लाम के प्रति सर्वधर्म समभाव का प्रदर्शन किया !और इसके साथ ही मुसलमानो के प्रति अपने प्रेम को प्रदर्शित कर अपने राजनैतिक स्वार्थ की भी सिद्धि की !इस प्रकार की शपथ इसके पूर्व किसी भी मुख्या मंत्री य मंत्री ने नहीं ली थी !गांधी जी ने भी अपनी नित्य की प्रार्थना ईश्वर अल्लाह तेरे नाम के साथ करते थे !गांधीजी का परम उद्देश्य हिन्दू मुसलिम एकता का था !यद्द्पि उनके मार्ग में अनेक बाधाएं आई किन्तु उन्होंने एकता का अपना प्रयत्न ना समाप्त किया और ना इसको शिथिल होने दिया !नोआखली जो विभाजन के पहले बंगाल का हिस्सा था और अब बांग्ला देश में हैं !वहां हिन्दू मुसलिम दंगा फुट पड़ा था जिसमें हिन्दुओं का सामूहिक कत्ले आम हुआ था !दंगा को रोकने के लिए गांधीजी ने ११६ मील की पैदल यात्रा १०४ डिग्री बुखार में नंगे पैर की थी जिस से उनके पैरों में छाले पड़ गए थे !उस समय बंगाल में मुसलिम लीग की सरकार थी जिसके मुख्य्मंत्री शहीद सुहरावर्दी थे !उन्होंने स्वयं हिन्दुओं के कत्ले आम में हिस्सा लेकर अहम भूमिका निभायी थी !गांधी जी को वहां कट्टरपंथी मुसमान ईश्वर अल्लाह ,राम रहीम और कृष्णा करीम वाली प्रार्थना नहीं करने देते थे !ये कट्टरपंथी मुस्लिम गांधी जी को जान से मारने की धमकी भी देते थे !किन्तु गांधी जी ने इस सबकी परवाह ना करके वहां शांति स्थापित कर दी थी !बाद में बे कोलकत्ता में हैदरी मेन्सन में सुहरावर्दी के साथ रहे थे और हिन्दू मुसलिम एकता के प्रयास में संलगन रहते हुए बे १५ अगस्त १९४७ को भी कलकत्ता में ही थे !गांधी जी को शहीद भी इसिलए होना पड़ा क्योंकिबे हिन्दू मुसलिम एकता को राष्ट्र के लिए अनिवार्य और आवश्यक मानते थे !किन्तु बे अपने इस प्रयत्न में सफल नहीं हो सके थे !और पूरी शक्ति लगाने के बाद भी देश का विभाजन नहीं रोक पाये थे !विभाजन के पहले बे कहते थे की बे १२५ साल जीवित रहना चाहते हैं !किन्तु विभाजन के बाद वह एक ही बात कहते थे की बे अब जीवित नहीं रहना चाहते हैं !जिस हिन्दुमुसलिम एकता के प्रयत्न के कारण गांधी जी को शहीद होना पड़ा था !और जिसके कारन आज भी बहुत से द्रगभ्रमित हिन्दू उनको गद्दार और राष्ट्र द्रोही कहते हैं और उनके हत्यारे गोडसे को देश भक्त कहते हैं ! इसके लिए कट्टरपंथी मुसलमान बहुत हद तक जिम्मेदार हैं !अगर पाकिस्तान और बांग्लादेश और कश्मीर में हिन्दुओं पर अत्याचार ना हुए होते और भारत में भी कट्टरपंथी मुसलमान नेता ,मुल्ला मौलवी कट्टरपंथ का स्वमर्थन अपने निम्न स्वार्थों की पूर्ति के लिए नहीं करते तो आज गांधी जी को कट्टरपंथी हिन्दू गद्दार नहीं कहते और ना ही मनगढंत झूठे आरोप लगाते !कट्टरपंथी मुल्लों ,मौलवियों और मुसलिम नेताओं को हिन्दू धर्म की उदारता और गांधी जी की सहादत को ध्यान में रख कर हिन्दू मुसलिम एकता के लिए काम कर गांधी जी के स्वप्न को साकार करना चाहिए !और हिन्दू मुसलीममे भेद उतपन्न करनेवालों के मंसूबों को ध्वस्त करना चाहिए !यह काम मुसलमानो को करना है !क्योंकि ममता बनर्जी ऐसे लोग तो आजभी एकता के लिए काम कर रहे है !
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