आज समाज जिस दिशा में तेजी से बढ़ रहा है !उसमे कई दृश्य भव्यता के और कई
दृश्य अत्यंत दीनता के दिखाई देते हैं !आजादी के पहले का भारत आज नजर नहीं
आता है !आज राजनीति में पुराने राजमहाराजाओं या धनपतिओं का वर्चस्व नहीं है
!आज राजनीति से लेक्रर प्रशासन तक उन लोगों का बहुमत है जो कभी दलित या
पिछड़े कहलाते थे !दलितों और पिछड़ों में जो राजनीति या प्रसाशन में महत्ता
पा गए हैं उनकी जीवन शैली और भव्यता प्राचीन राजाओं और धनपतियों से भी कहीं
अधिक ऐश्वर्य युक्त दिखाई देती है !जो दलित जातियां या
व्यक्ति राजनीति या प्रशासन में नहीं है उनके जीवन स्तर में जरूर बहुत
अधिक सुधार नहीं हुआ है ! फिर भी पहले से बेहतर है !आज इस बात की बहुत बड़ी
आवश्यकता है कि जिन लोगों के पास जिम्मेदारी के पद हैं या जिनके पास बहुत
अधिक संपत्ति इकट्ठी हो गयी है !बे अपने पैसे का उपयोग इस प्रकार से करें
जिसका अनुकरण करके आम आदमी भी सुधर जाए !आज कल नेता और अधिकारी शादियों और
मांगलिक समारोहों में बे हिसाब पैसा खर्च करते हैं ! हजारोँ लाखों लोगों
को सुस्वाद व्यंजन परोशे जाते हैं लाखोँ रूपए सजाबट पर खर्च कर दिए जाते
हैं !इस प्रकार के शादी समारोहों का अनुकरण अपनी सामर्थ्य के अनुसार सभी कर
रहे हैं !सजाबट पर खर्च अधिक हो रहा है और भोजन की गुणबत्ता का लगातार
ह्राष हो रहा है !अगर राजनेता अधिकारी धनपति शादी समारोहों में सजाबट आदि
में खर्चे को समाप्त करदें तो आम आदमी के शादी समारोह भी सादगी पूर्ण और
दिन में होने लगेंगे जिस से विजली व्य्वश्था में भी सुधार होगा और भोजन भी
स्वास्थ्य वर्धक प्राप्त होगा !
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