Thursday, 5 May 2016

सिंघस्थ में प्राकृतिक आपदा से श्रद्धालुओं की मौत और साधु संतों के पंडालों का उखड़ना ------धर्म का नाम ही धर्म इसीलिए पड़ा है क्योंकि वह प्रजा को धारण करता है !धर्म से भुक्ति और मुक्ति दोनों की प्राप्ति होती है !जिस प्रकार कार्यों की सिद्धि  के लिए विधि होती है !उसी प्रकार से धार्मिक कार्य भी जभी सफल होते हैं जब उनका क्रियांबन  विधि विधान के अनुसार किया जाता है !जब धार्मिक कार्यों में विधि विधान की उपेक्छा या अवज्ञा की जाती है !तो इस प्रकार के प्राकृतिक तांडव उत्पन्न हो जाते हैं !सिंघस्थ का यह प्रकृति का तांडव ऐसा ही प्रतीत होता है ! 

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