वैद्य ,डाक्टर भी रोगी ,बलवान भी दुर्वल और शक्तिशाली भी असमर्थ हो जाते हैं यह समय का उलटफेर बड़ा अद्भुत है !
२-----जो दरिद्र हैं और संतान की इक्छा नहीं रखते हैं उनके तो बहुत से पुत्र पुत्रियां हो जाते हैं ! और जो धनवान हैं उनमे से किसी को एक भी पुत्र प्राप्त नहीं होता है ! ईश्वर की लीला बड़ी विचित्र है !
३----- रोग ,अग्नि ,जल ,अस्त्र ,शस्त्र ,भूख प्यास ,विपत्ति विष ,ज्वर ,और ऊँचे स्थान आदि से गिरना ये सब प्राणियों की मृत्यु के निमित्त हैं ! जन्म के समय जिसके लिए प्रारव्ध बस जो निमित्त नियत कर दिया गया है वही उसकी मृत्यु का कारण होता है !कोई भी इन निमत्तों का उल्लंघन करते नहीं देखा गया है ! कोई कोई पुरुष तपस्या आदि प्रवल पुरुषार्थ के दूवारा जो प्रारब्ध को नष्ट कर देता हैं बे मृत्यु के निमित्तों का उल्लंघन करने में सफल हो जाते हैं ! किन्तु ऐसे लोग बहुत कम होते हैं !
४-----इस जगत में धनवान मनुष्य भी जवानी में ही नष्ट होता दिखाई देता है ! और क्लेश में पड़ा हुआ दरिद्र भी सौ सालों तक जीवित रहकर अत्यन्त बृद्धावस्था में मरता देखा जाता है ! जिनके पास कुछ नहीं है ऐसे दरिद्र भी लम्बी आयु तक जीवित देखे जाते हैं और धनवान कुल में उत्पन्न हुए मनुष्य कीट पतंगों के समान नष्ट होते रहते हैं !
२-----जो दरिद्र हैं और संतान की इक्छा नहीं रखते हैं उनके तो बहुत से पुत्र पुत्रियां हो जाते हैं ! और जो धनवान हैं उनमे से किसी को एक भी पुत्र प्राप्त नहीं होता है ! ईश्वर की लीला बड़ी विचित्र है !
३----- रोग ,अग्नि ,जल ,अस्त्र ,शस्त्र ,भूख प्यास ,विपत्ति विष ,ज्वर ,और ऊँचे स्थान आदि से गिरना ये सब प्राणियों की मृत्यु के निमित्त हैं ! जन्म के समय जिसके लिए प्रारव्ध बस जो निमित्त नियत कर दिया गया है वही उसकी मृत्यु का कारण होता है !कोई भी इन निमत्तों का उल्लंघन करते नहीं देखा गया है ! कोई कोई पुरुष तपस्या आदि प्रवल पुरुषार्थ के दूवारा जो प्रारब्ध को नष्ट कर देता हैं बे मृत्यु के निमित्तों का उल्लंघन करने में सफल हो जाते हैं ! किन्तु ऐसे लोग बहुत कम होते हैं !
४-----इस जगत में धनवान मनुष्य भी जवानी में ही नष्ट होता दिखाई देता है ! और क्लेश में पड़ा हुआ दरिद्र भी सौ सालों तक जीवित रहकर अत्यन्त बृद्धावस्था में मरता देखा जाता है ! जिनके पास कुछ नहीं है ऐसे दरिद्र भी लम्बी आयु तक जीवित देखे जाते हैं और धनवान कुल में उत्पन्न हुए मनुष्य कीट पतंगों के समान नष्ट होते रहते हैं !
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