महाभारत आध्यात्मिक ग्रन्थ है !इसीलिए उसमे बर्णित सभी स्थूल घटनाओं को
आध्यात्मिक दृष्टि से देखना चाहिए !अध्यात्म के संपूर्ण रहस्य सभी सामान्य
जनो पर प्रकाशित नहीं होते हैं !इसीलिए कुछ घटनाओं को श्रद्धा और भक्ति से
तथा शाश्त्र के अनुसार सही और प्रमाणित माना ना पड़ता है !अश्वत्थामा आज भी
जीवित है !इसको सिर्फ श्रद्धा और भक्ति तथा शाश्त्र प्रमाण से ही प्रमाणिक
माना जा सकता है !भगवान श्री कृष्ण ने गीता में २(२७)में कहा है कि जिसका
जन्म हुआ है उसकी मृत्यु अवश्य होगी ! और जिसकी मृत्यु हुई है ! उसका जन्म
अवश्य होगा ! इस जन्म मृत्यु रूप परिवर्तन के प्रवाह का निवारण नहीं हो
सकता है ! अतः इस विषय में किसी को शोक नहीं करना चाहिए !
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