Tuesday, 1 December 2015

देश में असहन शीलता है !यह एक सत्य तथ्य है !इस पर बहस इस तथ्य को स्वीकार करने  के बाद इसको समाप्त करने के लिए  होना चाहिए थी  !किन्तु संसद ने इस मुख्य बिंदु पर विचार नहीं किया !सभी विपक्छीदल भाजपा पर असहनशीलता के लिए हमला करते दिखे !और भाजपा हमेशा की तरह कांग्रेस पर हमलाबर रही !और असहनशीलता के समाधान का कोई मार्ग नहीं खोजा गया !असहनशीलता के केंद्र में  धार्मिक और सांस्कृतिक संकीर्णता है !इस समय इसी पर विचार किया जाना चाहिए था
 मुसलिम तुष्टीकरण के नाम पर कांग्रेस पर  हमला हो रहा है !यह हमला नया नहीं है !इसी कारण गांधीजी की हत्या हुई थी !और यही इस समय भी मुख्य रूप से असहनशीलता के रूप में दिखाई दे रही है !देश में दंगे , आदि मुख्य रूप से मुसकमानो और हिन्दुओं के बीच ही होते हैं !और इन्ही में  ,सद्भाव रहे ,इनके मध्य साम्प्रदायिक दंगे ना होँ !मुख्य रूप से इस पर विचार किया जाना चाहिए था !जो नहीं हुआ !और कभी होगा भी नहीं !इसका समाधान राजनीति से कभी नहीं निकलेगा और ना निकल सकता है !इसका समाधान तो स्वतः  निकलेगा जब दोनों धर्मों के संकीर्णता फैलाने वाले  और राजनैतिक लाभ लेनेवाले नष्ट हो जाएंगे !

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