ओवेसी जिस तरह से व्यान बाजी कर रहे हैं ! और जिस आवाज में बोल रहे हैं ! उस से इस्लामिक कट्टरता की गंध भी आती है ! और उनकी भारत के संविधान और उच्च न्यायालय के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता भी दिखाई देती है !ओवेसी ऐसे लोगों को इस प्रकार बोलने का अवसर तो उन लोगों ने दिया है !जिन्होंने २३ साल पूर्व आज के ही दिन जहां रामलला विराजमान थे ! उस जगह को कानून अपने हाथ में लेकर तोड़ दिया था !उनका यह काम कानून के खिलाफ तो था ही !वह भारतीय संस्कृति के भी खिलाफ था ! उन्होंने उस बाबरी मस्जिद को तोड़कर हिन्दुओं का बहुत नुक्सान किया था ! इसका अहसास उनको है या नहीं ?उनको मुसलमानो की कटटरता और इस्लाम के प्रति उनकी धर्मान्धता और हिन्दुओं के प्रति उनकी नफरत का आकलन यह मस्जिद तोड़ने के पहले भली प्रकार कर लेना चाहिए था !उन्हें यह भी समझना चाहिए था ! कि सनातन धर्म के अधिकाँश लोग उनके इस अवैधानिक कृत्य का समर्थन नहीं करेंगे !किन्तु इन लोगों ने इस बात की चिंता किये बगैर मस्जिद ढहादी !जिसके गंभीर परिणाम पाकिस्तान और बंगलादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं को भोगने पड़े !वहां सेकंडो हिन्दू मंदिरों को ढहा दिया गया था !और अनेको हिन्दुओं को मौत के घाट उतार दिया गया था ! और उनकी जमीन जायदाद लूट ली गयी थी ! तथा महिलाओं की बेइज्जती की गयी थी !पाकिस्तान और बांग्लादेश की बात जाने दीजिये भारत में भीकश्मीर में मंदिर तोड़े गए थे ! और मुम्बई में भी सेकंडों लोग मार डाले गए थे !और जिन राम के ये भक्त हैं ! बो पहले तो बिल्डिंग के अंदर विराजमान थे ! और उनके दर्शन भी सभी को सुलभ थे ! किन्तु अब बे तिरपाल के टेन्ट में विराजे हैं ! जो पुराना पड़ गया है ! तथा जिसमे छेद हो गए हैं !और अब वहां पुलिस का कड़ा पहरा रहता है !और उनके दर्शन भी आसानी से नहीं होते हैं !भारत पर कट्टर पंथियों के हमले होते रहते हैं और हमलों की धमकीभी मिलती रहती है !आत्तंकवादी टहलते हुए भारत में प्रवेश कर जाते हैं और हमला करके भागने में सफल भी होजाते हैं !और जो एकाध पकड़ में भी आजाता हैं ! उन पर सालों मुकदद्मा चलता है ! और उनकी सुरक्छा में करोड़ों रुपया खर्च होते हैं !बाबरी मस्जिद ढहाने वालों में मुसलमानो जैसी धर्म के लिए कुर्बान होने की भावना भी नहीं है !हिन्दू और मुसलमानो में बैसे भी दंगे होते रहे हैं !
बाबरी मस्जिद विध्वबंस के बाद दंगे और वैमनस्यता और अधिक बढ़ गयी है !और अब राष्ट्रिय सोच के जावेद अख्तर ,शबाना आजमी ,राशिद अल्वी ,मौलाना मदनी आरिफ मुहम्मद आदि को मुसलमान सुनना कम पसंद करते हैं उनका स्थाम ओवेसी आदि जैसे मुसलमानो ने ले लिया है !गरजते बादल बरसते नहीं हैं !मंदिर बनाने की घोसणा के बजाय मंदिर बना के दिखाना चाहिए !अभी तो रामलला तिरपाल के टेंट में और मंदिर बनाने की घोसणा करने वाले सत्ता के सिंघासन पर बैठे हुए हैं !राजमहल में जन्मे राजाराम टेंट में है! और साधारण घरों में जन्मे सत्ता के महलों में हैं !
बाबरी मस्जिद विध्वबंस के बाद दंगे और वैमनस्यता और अधिक बढ़ गयी है !और अब राष्ट्रिय सोच के जावेद अख्तर ,शबाना आजमी ,राशिद अल्वी ,मौलाना मदनी आरिफ मुहम्मद आदि को मुसलमान सुनना कम पसंद करते हैं उनका स्थाम ओवेसी आदि जैसे मुसलमानो ने ले लिया है !गरजते बादल बरसते नहीं हैं !मंदिर बनाने की घोसणा के बजाय मंदिर बना के दिखाना चाहिए !अभी तो रामलला तिरपाल के टेंट में और मंदिर बनाने की घोसणा करने वाले सत्ता के सिंघासन पर बैठे हुए हैं !राजमहल में जन्मे राजाराम टेंट में है! और साधारण घरों में जन्मे सत्ता के महलों में हैं !
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