Tuesday, 15 December 2015

राजनीति में प्रमाणिकता और विश्वसनीयता नष्ट करने का काम सत्ताभोग से पीड़ित राजनेताओं ने ही किया है !अब यह पुब्लिक तक पहुँच गयी है !देश में अविश्वसनीयता का घोर अन्धकार छा गया है !और यह राजनेताओं के कारण और गहराता जा रहा है !प्रमाण और विश्वसनीयता रहित लोकतंत्र षड़यंत्र तंत्र बनजाता है !भारत का लोकतंत्र वैसा ही बनता दिखाई दे रहाहै !देश में  सीबीआई जैसे  सबसे बड़े  अपराधों की जाँच तंत्र t पर भी विपक्छी नेता सरकार के दबाव में काम करने और विरोधियों को फ़साने का आरोप लगाते रहे हैं !और सत्ता धारी दल हमेशा उसका बचाव करता रहा है !सत्य हमेशा पक्छपात के कारण लुप्त रहा है !इस समय केंद्र में जो पार्टी सत्ता में है !वह भी जब कांग्रेस सत्ता में रही तो सीबीआई पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाती रही है !और कांग्रेस सीबीआई की निष्पक्छता का बचाव करती थी !अब कांग्रेस सहित आम आदमी पार्टी सीबी आई पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगा रही है !सीबीआई जाँच में जिन राजनेताओं पर आय से अधिक संपत्ति संग्रह के आरोप लगे थे !बे भी सीबीआई पर सरकार के दबाव में उनपर झूठे आरोप लगाने की बात कहते हैं !सुप्रीम कोर्ट ने तो सीबीआई को सरकारी तोता तक कहने के साथ यह तक कहा तथा कि इसकी जाँच के लिए भी कोई जाँच एजेंसी निर्मित करनी पड़ेगी !सीबीआई सरकारी दबाव में या कानून के अंतर्गत कार्य करता है या नहीे? !इसकी तथ्यसंगत जाँच की जानी चाहिए !और इसमें पूर्व सीबीआई के अधिकारियों और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की जाँच समिति गठित की जानी चाहिए !ताकि वास्तविकता उजागर हो !और उसमे तदनुसार सुधार किये जा सकें !सीबीआई ने जो कार्यबाही दिल्ली सरकार के प्रमिख सचिव के विरुद्ध की है !तथा उसके कार्यालय पर छापा मारी की है !उसका तीव्र विरोध दिल्ली के मुख्यमंत्री ने किया है !और प्रधानमंत्री के विरुद्ध अत्यंत अभद्र शव्दों का प्रयोग किया है !जो नहीं किया जाना चाहिए था !यह आरोप भी सही प्रतीत नहीं होता है !की छापेमारी की कार्यबाही प्रधानमन्त्री के निर्देश या आदेश पर हुई है !देश का प्रधानमन्त्री इतने  निचले स्तर तक नहीं उत्तर सकता कि बो किसी अधिकारी से कहे की तुम किसी प्रशासनिक अधिकारी के विरुद्ध झूठा मुकदद्मा दायर करो और मुख्यमंत्री के कार्यालय पर छापामारी करो !दिल्लीके मुख्य सचिव के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं !उसी सन्दर्भ में यह  छापामारी उसके कार्यालय पर हुई है !चूँकि वह मुख्यमंत्री से सम्बद्ध है !और उनके कार्यालय में बैठता है !इसिलए सीबीआई को वहां जाँच के लिए जाना पड़ा होगा !सीबीआई अपराध दर्ज होने के बाद जांच करती है !और जांच के लिए उसको किसी मुख्यमंत्री या मंत्री की इजाजत  लेने की आवश्यकता नहीं है !सीबीआई किसी अपराध की रपोर्ट खुद नहीं करती है !पीड़ित व्यक्ति की रिपोर्ट पर जांच करती है !इसलिए दिल्ली के मुख्यमंत्री जो भ्रष्टाचार के विरोधी हैं  !को सीबीआई जाँच में सहयोग करना चाहिए !जाँच में यदि यह पाया जाय की प्रशासनिक  अधिकारी के विरुद्ध लगाए गए आरोप असत्य हैं !तो कानून में प्राबधान है  कि झूठे आरोप लगाने वाले के विरुद्ध दंडात्मक कार्यबाही की जा सकती है !देश में एक बात जरूर देखने में आती है !कि अब भारतीय प्रशानिक सेवा और अन्य अधिकारी सत्ताधारी राजनेताओं की चमचागीरी करते हैं !उनके पैर भी छूते देखे जाते हैं !इसीलिए यह संभव हो सकता है !कि सीबीआई भी केंद्र की सत्ता धारी पार्टी को प्रसन्नकरने के लिए कोई काम करे !किन्तु यह एक दम असंभव है !की देश का प्रधान मंत्री किसी अधिकारी  को बुलाकर यह कहे कि तुम केजरीवाल के कार्यालय पर छापा लगाओ !

No comments:

Post a Comment