विश्व में सिर्फ अधिकाँश मुसलिम राष्ट्रों में ही इस्लाम के कानून लागू है !इसीलिए इन देशों में दूसरे धर्म के लोगों को अपने धर्म का आचरण या पूजा स्थल आदि निर्माण करने की आजादी नहीं है! पाकिस्तान अफगानिस्तान आदि मुसलिम देशो में तो मंदिर तोड़ने और चर्च जलाने आदि के समाचार तो प्रायः समाचारों में आते ही रहते हैं ! इन देशों में ईशनिंदा जैसे कानून भी हैं !जिनका अन्य कानूनो की तरह दुरपयोग भी होता है !किन्तु मुसलिम देशों में भी मुस्लमान इन मुसलिम कानूनो की बौद्धिक व्याख्या करने लगे हैं !और इस्लामिक कानूनो पर प्रश्न चिन्ह भी खड़े करने लगे हैं !परिणाम स्वरुप ऐसे मुसलमान चरम पंथियों द्वारा मार दिए जाते हैं!या फिर बे अपनी जान बचाने के लिए अन्य देशों की शरण ले लेते हैं !धार्मिक उदारता पश्चिमी राष्ट्रों में बहुत अधिक है !इसीलिए अधिकाँश इस्लाम के विरुद्ध लिखने या बोलने वाले इन्ही देशों में जा कर शरण लेते हैं !और ये देश उनको पूरा सुरक्षा कवच भी प्रदान करते हैं !भारत भी धर्मनिरपेक्छ देश हैं !किन्तु यहाँ मुसलमानो की धार्मिक भावनाओ को ठेश पहुचाने वालों को शरण नहीं दी जाती है !अभी हाल ही में सऊदी अरब में ३१ वर्षीय ब्लॉगर तथा एक्टिविस्ट रेफ बदावी को सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने १००० कोड़े मारने की और १० साल की सजा सुनाई है ! रेफ ने २००८ में एक ऑनलाइन फोरम लिबरल सऊदी नेटवर्क बनाया था इसमें बो सऊदी अरब की धार्मिक और राजनैतिक नीतियों पर आलोचनात्मक लेख लिखते थे और बहस भी कराते थे !इस प्रकार की जो आवाज धार्मिक कट्टरता के विरुद्ध अब मुसलिम बुद्धिजीवियों द्वारा उठाई जा रही है !इसके सकारात्मक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे !
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