Saturday, 20 June 2015

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आज देश में बहुत उत्साह के साथ योग कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं ! योग के  कार्यक्रम सरकारी संरक्छण में चलरहे हैं !इसीलिए इन योग कार्यक्रमों का विशेष उत्साह केंद्र में और उन राज्यों में विशेष तौर पर दिखाई दे रहा है !जहां भाजपा की सरकारें हैं !और इन कार्यक्रमों में जो योगिक क्रियाएँ करायी जाए रही है !बे क्रियाएँ रामदेव द्वारा प्रचारित योग की क्रियाएँ हैं !इन योग कार्यक्रमों में विशेष तौर पर गायत्री परिवार श्री श्री रविशंकर रामदेव और भाजपा के लोग विशेष तौर पर सक्रिय हैं ! योग की मूल अवधारणा को जीवन में उतारने के लिए और योग का वास्तविक लाभ प्राप्त करने के लिए ये मात्र योग की शारीरिक आसान प्राणायाम आदि की क्रियाएँ ही पर्याप्त नहीं हैं !योग क्रियाएँ करने वाले साधक को कुछ आतंरिक परिवर्तन और पवित्र स्थान और शरीर को विशेष स्थिति में रखने का अभ्यास भी करना पड़ता है गीता में ६(१० से १५ )में इस पूर्व योग की विधि बतायी गयी है फिर श्लोक १६, १७ में नियमित जीवन जीने की युक्ति बतायी गयी है इस तरह योग के दो भाग है आसन प्राणायाम आदि पूर्व योग और नियमित जीवन जीना उत्तर योग और यह है जीवन जीने के लिए संपूर्ण योग इसी से दुखों का नाश होता है ! और जीवन में स्वस्थ  सात्विक विचारों का निर्माण होता है ! यह दुःख का नाश करने वाला योग नियमित जीवन जीने बालों को ही सधता है और प्राप्त होता है ! नियमित जीबन नहीं रहा तो योग की प्राप्ति नहीं होगी !  यह योग उस व्यक्ति को सिद्ध होता है जो ईमानदारी से कमाए हुए परिमित भोजन को अस्वाद बृत्ति से ग्रहण करता है ! नियत समय पर भोजन करता है जो भोजन हम खाएं वह अन्याय अधर्म से प्राप्त किया हुआ ना हो !

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