आमआदमी के पूर्व शिक्छा मंत्री तोमर की फर्जी डिग्री प्रकरण में गिरफ्तारी के बाद स्मृति ईरानी और कठेरिया केंद्रीय मंत्रियों की फर्जी डिग्री की कार्यवाही की मांग जोर से उठने लगी है !अगर इस सम्बन्ध में आवाज उठाने वालों के पास कोई ठोस सबूत है ! तो बे खुद भी न्यायालय में बाद पात्र प्रस्तुत कर सकते है !स्मृति ईरानी की डिग्री फर्जी हो या न हो ! किन्तु उनकी योग्यता केंद्र की मानव विकास संसाधन मंत्री बन ने की बिलकुल नहीं है !भाजपा के पास डॉ मुरली मनोहर जोशी जैसा शिक्छा छेत्र का उत्कृष्ट अनुभवी विद्वान मौजूद है !जो पूर्व बाजपेयीजी की सरकार में मानव विकास संसाधन मंत्री रह चुके हैं !तथा जोशी जी देश की शिक्छा व्यबस्था के सुधार के लिए भी आवश्यक ज्ञान रखते हैं उनके पास शिक्छण का लम्बा अनुभव भी है ! और बे भाजपा की नीति निर्धारण के आवश्यक अंग भी रहे हैं ! जब मोदी जी कुछ भी नहीं थे तब बे भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्छ थे !कहाजाता है कि भाजपा में जो ७५ साल के हो गए हैं उन्हें मंत्री पद नहीं दिया जा सकता है !किन्तु नजमाहेप्तुल्ला तो ७५ साल की आयु की होने के बाद भी मंत्री हैं ! अगर जोशी जी को मंत्री नहीं भी बनाया जा सकता था तो भी उन्हें आवश्यकता से कम पढ़ी लिखी शिक्छा के छेत्र में पूरी तरह अनुभव हीन छोटे परदे कि अदाकारा शिक्छा मंत्री पद के लिए पूर्ण रूप से अयोग्य स्मृति ईरानी की सहायता के लिए तथा देश की शिक्छा व्यबस्था को उचित गति देने के लिए कैबिनेट स्तर का कोई दर्ज देकर डॉ जोशी की सलाह पर समिति गठित कर डॉ जोशी को उसका चेयरमैन बनाया जा सकता था !आज जबकि भाजपा को पूर्ण बहुमत संसद में प्राप्त है !डॉ जोशी जैसे महान शिक्छाविद की उपेक्छा कर उनका देश की शिक्छा के लिए उपयोग न किया जाना आश्चर्य जनक है !अभी भी भाजपा के पास समय है ! उसे जोशी जी का उपयोग शिक्छा छेत्र में करना चाहिए !अगर कहीं ख़ुदा ना खस्ता स्मृति की डिग्री फर्जी पायी गयी तब तो मोदी जी की सरकार की छवि पर गहरा काला दाग लग जाएगा !
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