जो मुसलमान मुल्ला मौलवी इमाम मुफ़्ती आदि गीता और सूर्य नमस्कार का विरोध कर रहे हैं !बे गीता को माता मानने वाले गांधीजी के साथ भी विश्वास घात कर रहे हैं !गांधी जी ने मुसलमानो के हित संरक्छण और सुरक्षा के लिए अपने जीवन की बलि दे दी थी ! और आज भी बे हिन्दू युवाओं और हिन्दुबादी संगठनो के कोप भाजन बन कर नित्य अनेक अपमान जनक असत्य मनगढंत शव्दों से नबाजे जाते हैं !मुल्ला मौलवियों आदि को मुसलिम युवाओं को उस समय की विभाजन के बाद की विषम परिस्थिति से अवगत कराना चाहिए ! कि अगर गांधीजी ने और नेहरूजी ने उस समय मुसलमानो की मदद न की होती तो पंजाब से आये हिन्दू सिख शरणार्थियों ने उनका सफाया कर दिया होता !बटवारे के बाद भारत में लगभग ४ करोड़ मुसलमान रह गए थे मुसलिम लीग के प्रचार के प्रभाव में आकर उनमे से अधिकाँश ने भारत के बटवारे की सक्रिय अथवा निष्क्रिय हिमायत की थी उसके बाद मुसलिम लीग के चोटी के नेता देश छोड़ कर पाकिस्तान चले गए थे ! और अपने साधारण सहधर्मियों को मझधार में छोड़ गए थे ! जैंसे भारतीय संघ में मुसलमानो की सुरक्षा नेहरूजी और गांधी जी कर रहे थे वैसा हिन्दुओं का पक्छ लेने वाला पाकिस्तान में कोई नहीं था ! मौलाना बार बार गांधी जी से मुसलमानों की रक्षा सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते थे !परिणामस्वरूप गांधी जी ने १३ जनबरी १९४८ में मुसमानों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए आमरण अनशन शुरू कर दिया था ! गांधी जी की हालत मरणासन्न हो गयी परिणाम स्वरुप डॉ राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्छता में शांति समिति गठित की गयी थी ! जिसमे सभी समुदायों के १३० प्रतिनिधि थे १८ जनबरी को गांधी जी की सभी मांगे मान ली गयी थी ! समिति ने सर्वसम्मत घोषणा की थी ! हमारी हार्दिक इक्छा है कि हिन्दू मुसलमान सिख और सभी धर्मों के लोग आपस में मिलकर भाई भाई की तरह रहें ! (२)हम यह प्रतिज्ञा करते हैं की हम मुसलमानो की जान माल और धर्म की रक्षा करेंगे और जिस तरह की घटनाएं पहले हुई हैं उनको नहीं होने देंगे ! (३)हम गांधी जी को यह विस्वास दिलाना चाहते हैं की ख्वाजा कुतुबुद्दीन के उर्स का मेला जिस तरह पहले हुआ करता था बैसे ही अब भी होगा (३ ) जिस तरह मुसलमान दिल्ली के सभी मुहल्लों और ख़ास करके सब्जीमंडी .करौल बाग़ और पहाड़गंज में पहले जैसे आया जाय करते थे बैसे ही फिर से बेखटके और बेखतरे आजा सकेंगे (४)जिन मस्जिदों को मुसलमान छोड़ गए हैं और जो अब हिन्दुओं और सिखों के कब्जे में हैं बे मुसलमानो को लौटा दी जाएंगी ! जो स्थान सरकार ने मुसलमानो के लिए छोड़े हैं उन पर कब्ज़ा नहीं किया जाएगा ! (५)जो मुसलमान दिल्ली से बाहर चले गए हैं ! बे अगर बापिस आना चाहें तो हमारी और से उनका विरोध नहीं होगा ! बे पहले ही की तरह अपना कारोबार कर सकेंगे !इस के बाद गांधी जी का अनशन समाप्त हो गया था गांधी जी ने अनशन समाप्ति के बाद कहा था ! कि में चाहूंगा कि मुसलिम भाई बहन गीता और ग्रन्थ साहिब भी पढ़े और उसका अर्थ समझें ! जैसे बे अपने धर्म को मानते हैं बैसे ही दूसरे धर्मों को भी माने !अगर पत्थर में ईश्वर को मानना गलत है तो उसे गीता ग्रंथसाहिब कुरान में मानना सही कैसे हो सकता है ? क्या यह भी बुत परस्ती नहीं है ? आदर और सर्वधर्म समभाव की भावना को बढाकर हम सब धर्मों से सीख ले सकते हैं ! अब मुसलमानो को भी हिन्दू धर्म की मान्यताओं का आदर करते हुए सूर्यनमस्कार और गीता का विरोध नहीं करना चाहिए !और भाजपा की सरकार को भी सूर्य नमस्कार में से अपना राजनैतिक तुच्छ स्वार्थ सिद्ध करने के लिए सूर्य की उपासना के मन्त्र उच्चारण को निकालकर हिन्दू धर्म के साथ धोखा धडी नहीं करना चाहिए
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