महिलाएं भी पुरुषों जैसी भिन्न भिन्न स्वाभाव की हैं !इसिलीए कुछ अलसी कुछ कम क्रियाशील और कुछ आवश्यकता से अधिक क्रियाशील होती हैं !भारत में अभी भी भयानक गरीबी और एक बहुत बढ़ा ग्रामीण छेत्र भी हैं ! !जहाँ महिलाओं को आवश्यकता से अधिक काम करना पढता है !बच्चो का जन्म, उनका लालन पालन घर के भोजन पकाने से लेकर घर की साफ़ सफाई के सभी काम महिलाओं को ही तो करने पड़ते हैं !एक बर्ग महिलाओं का जरूर ऐसा है !जो ग्रहश्थी के भोजन बनाने आदि के काम लगभग नहीं के बराबर करता है !या करता ही नहीं है !वह वर्ग है !राजनीति में सक्रिय महिलायें ,उद्द्योग पतियों ,बड़े व्योपरियों की पत्नियां ,सर्विस करने वाली महिलाएं, वकील, डॉक्टर , और अन्य सामाजिक सरोकारों से जुडी महिलायें !ये महिलायें अब शहरों से लेकर कस्बों तक पहुँच गयी हैं !बड़े सरकारी अधिकारीयों की पत्नियां नेताओं की पत्निया तथा सरकारी कर्मचारियों की पत्निया को भी लगभग नहीं के बराबर काम करना पड़ता है !इसीलिए ऐसे घरों में जंक फ़ूड की पहुँच हो गयी है !और भोजन के पदार्थ भी पूरी तरह से मिलाबटी i और अशुद्ध पहुचने लगे हैं !उन्हीपरिवारों में मेगी आदि का प्रवेश हो गया है
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