भौतिक वैज्ञानिकों का यह कथन कि मानव श्रष्टि का विनाश निकट भविष्य में होने वाला है ! वैदिक धर्म की श्रष्टि संघार की तथ्यपूर्ण प्रस्तुति करण के पूर्णतया विपरीत है !गीता में कहा गया है कि श्रष्टि के निर्माता प्रजापति का एकदिन एक हजार चतुर्युगी का होता है !जो काल गड़ना के अनुसार ४२५ करोड़ साल का होता है !ब्रह्मा का एकदिन एक कल्प कहलाता है !और एक कल्प में १४ मन्वंतर होते है !इस समय ७ वां मन्वन्तर चल रहा है !इसका अर्थ हुआ की अभी ब्रह्मा का आधादिन ही समाप्त हुआ है !श्रष्टि की समाप्ति के लिए वैदिक काल गड़ना के अनुसार अभी २१२ करोड़ से भी अधिक का समय बाकी है !यह काल गड़ना सही सिद्ध होगी और वैज्ञानिको का श्रष्टि के विनाश का अनुमान गलत सिद्ध होगा !
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