Sunday, 3 April 2016

ब्राह्मणबाद का विरोध ---------एक नारा आजकल बहुत बुलंद हो रहा है कि हमें ब्राह्मणवाद से आजादी चाहिए !मनुस्मिृत को भी ब्राह्मणवाद का पोषक मान कर पिछले दिनों जे इन यु में कुछ छात्रों द्वारा जलाया गया !जो लोग ब्राह्मणो का इस तरह  का विरोध कर रहे हैं ! बे ब्राह्मणो को माध्यम बनाकर भारत के सनातन धर्म पर प्रहार कर रहे हैं ! जिन धर्मों ने भारत में हिन्दू धर्म को नष्ट करने का प्रयत्न किया था ! ब्राह्मणो पर प्रहार करने का सिल  सिला उन्होंने प्रारम्भ किया था !और लालच से भय से भारी मात्रा में धर्म परिवर्तन कराने में भी बे  सफल हुए थे !किन्तु दुर्भाग्य यह है कि हिन्दू धर्म को छोड़ कर उन्होंने जिस धर्म को ग्रहण कर लिया है ! उस धर्म के दोषों और दुर्गुणों की और उनका ध्यान नहीं हैं !बे आज भी हिन्दू धर्म पर ही दोषा रोपण करते रहते हैं !कोई भी धर्म बिना ब्राह्मणो के नहीं है 1 हिन्दुओं में जो ब्राह्मण कहे जाते हैं ! मुसलमानो में उनका नाम मुल्ला मौलवी ,हाफिज और मुफती अदि है  !,ईसाईयों में बे पोप ,पादरी ,बिशप ,आदि के नाम से जाने जाते हैं ! और बौद्धों में भुिकछु कहे जाते हैं !जितने भी धर्म हैं उन सबमे भिन्न भिन्न नामों से ब्राह्मण मौजूद हैं !और धार्मिक पुसतके हैं !किन्तु सनातन धर्म पर ही प्रहार करने की परंपरा कायम हैं !इस विरोध में कुछ पतित आचरण भ्रष्ट ब्राह्मण और अज्ञानी हिन्दू भी शामिल हैं !ब्राह्मणो के विरोध की इस मुहीम का उत्तर गांधीजी ने बीजापुर की सार्वजानिक सभा में २७ मई १९२१ में दिया था ! उन्होंने कहा था कि में ऐसा नहीं मानता  हूँ कि ब्राह्मणो में कोई दोष नहीं है ! और ब्राह्मण भी अपने को पूरी तरह निर्दोष होने का दावा  नहीं करते हैं ! ब्राह्मणो ने अपनी धार्मिक भावनाओं की उपेक्छा की है ! और सभी ब्राह्मणो का जीवन अब उतना पवित्र नहीं रह गया है ! बे कभी जिस उचाई पर प्रतिष्ठित थे उस से अब च्युत हो गए हैं ! किन्तु लोगों को ब्राह्मणो के द्वारा  आचरित महान गुण धर्मों को नहीं भूलना चाहिए 1 ब्राह्मणो की बदौलत ही आज सारी जातियां धर्म के आदर्शों को जानती और पहचानती हैं ! आज भी ब्राह्मण राजनैतिक और समाजिक सभी आन्दोलनोंमे सबसे आगे हैं !दलित बर्गों की उन्नत्ति के लिए अन्य जातियों की अपेक्छा ब्राह्मण ही अधिक प्रयत्न कर रहे हैं  !लोगों के सभी बर्ग लोकमान्य तिलक का आदर करते हैं 1 आंध्र के एक ब्राह्मण सज्जन ने अछूत बर्गों की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया है ! स्वर्गीय श्री गोखले ,स्वर्गीय श्री रानाडे और आदरणीय श्री शास्त्री इन सबने पिछड़े बर्गों की उन्नत्ति की लिए बहुत सुन्दर काम किये हैं 1 ये सब ब्राह्मण थे 1 मेरी समझ में ब्राह्मण हमेशा ही आत्मत्याग के लिए प्रसिद्ध रहे हैं 1 ब्राह्मणो ने अपने बुद्धिबल ,आत्मत्याग और तपस्या द्वारा अपनी प्रभुता स्थापित की ! किसी को भी उनकी प्रभुता से ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए 1 में भी आज जो कुछ हूँ और मेरे जिन गुणों की आप प्रसंसा करते हैं 1 बे गुण मेने आधुनिक शिक्छा  से प्राप्त नहीं किये हैं 1 मेने बहुत पहले इस शिक्छा के सम्मोहक प्रभाव से अपने कोमुक्त कर लिया था ! मेने अपने सभी धार्मिक गुण और शाश्वत सनातन जीवन के गुण ब्राह्मणो द्वारा लिखित भगवद्गीता ,महाभारत और रामायण जैसे ग्रंथों के अध्ययन ,मनन और धारण करके ही प्राप्त किए हैं !आज उन्ही ब्राह्मणो पर शाव्दिक  और शारीरिक हमाल हो रहे हैं !उनका आर्थिक स्तर दलितों और पिछड़ी जातियों से भी नीचे हो गया है !उनकी बुद्धि ,त्याग ,और तपस्या को आरक्छण का ग्रहण लग गया है !अधिकाँश ब्राह्मण आज घोर गरीबी और कष्ट का जीवन जी रहे हैं !कुछ ब्राह्मण जो सत्ता संपत्ति और प्रशशन के शीर्ष पर बैठे हैं ! बे भी  अपनी स्वार्थ पूर्ति के लिए ब्राह्मणो का उपयोग करते हैं !आरक्छण की इस व्यार में किसी भी राजनैतिक दल ने आज तक ब्राह्मणो की आर्थिक मदद की दृष्टि से कोई और किसी  भी नीति का निर्माण नहीं किया है !इस सबके बाद भी यह घोर अपमान ब्राह्माण से मुकति चाहिए ब्राह्मणो को झेलना पड़ रहा है !जिन ब्राह्मणो  ने ज्ञान की गंगा इस धराधाम में बहाई और जो कभी भू देव कहलाते थे !और जिनकी त्याग और तपस्या से इन तथाकथित  वुद्वानो को ज्ञान की प्राप्ति हुई बे सब आज क्रतिघनी होकर अहिंसक ब्राह्मणो पर हमले कर रहे हैं !

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