शंकराचार्य का कोई भी व्यान विवादित नहीं है !साईं मुस्लिम फ़कीर थे !यह
सत्य है !इसके बाद भी अगर बहुत से लोग उनको ईश्वर समझ कर उनकी पूजा करते
हैं !तो हिन्दू धर्म के सबसे बड़े आचार्य होने के कारण उनका यह धार्मिक
कर्तव्य हो जाता है कि वह सनातन धर्म मान ने वालों को सनातन धर्म के अनुसार
आचरण करने की सलाह दें !इसी प्रकार ताजमहल पूर्व में शिव मंदिर था !इसकी
पुष्टि में कई इतिहास कारों ने मत व्यक्त किया है !इसलिए शंकराचार्य अगर इस
बात को कह रहे हैं तो इसकी जाँच की जानी चाहिए !और एक बार यह
निश्चित हो जाना चाहिए की ताजमहल के नीचे शिव मंदिर है या नहीं १इस व्यान
में भी विवाद जैसी कोई बात नहीं है !सिर्फ जाँच की आवश्यकता है !बात सिर्फ
इतनी सी है कि शंकराचार्य को सनातन धर्म कि बात करने का अधिकार है या नहीं
?अगर उनकी या किसी भी धर्माचार्य कि बात संविधान के विरुद्ध हो तो कानूनी
कार्यबाही की जा सकती है !किन्तु विधान की मर्यादा के अंतर्गत तो उन्हें
सनातन धर्म के बारे में तथ्य रखने का अधिकार तो है ही !सनातन धर्मी हिन्दू
उनकी बात माने या ना माने यह उनके ऊपर हैं
No comments:
Post a Comment