जेलों में रिश्वत खोरी खुले आम चलती है !ये तथ्य किसी से छिपा हुआ नहीं हैं !जो राजनैतिक नेता या बड़े खतरनाक कैदी कारागारों में बन्दी होेे ते हैं बे अपने राजनैतिक रसूखों और दबंग अपराधी अपनी दबंगई के बल पर जेल में सभी प्रकार की सुखप्रद सुविधाएं पा जाते हैं !जेल में कुछ कैदी निरपराध होने के बाद भी पार्टीबन्दी या रंजिश के कारण सजा पाकर जेलों में बंदी जीवन बिताने के लिए मजबूर होाते हैं !कुछ कैदी गरीबी के कारण जो सुविधाएँ कानून के अनुसार उनको प्राप्त होनी चाहिए बो उनको नहीं मिलती हैं जबकि उनके सामने जो कैदी पैसे खर्च करके जेल के सिपाहियों अदि की मुट्ठी गरम कर देते हैं !उनको सभी प्रकार की सुविधाएं प्राप्त होजाती हैं !कुछ जेल अधीकछक ईमानदारी से कर्त्तव्य निष्ठां का पालन करना चाहते हैं !किन्तु बे कर नही पते हैं !इस तरह से वाराणसी जेल में जो कैदियों ने विद्रोह कर डिप्टी जेलर और जेलर की पिटाई की है !इसकी वास्तविकता तो सही जाँच से ही पता चलेगी !किन्तु जाँच सही ही होगी इसकी क्या गारंटी है ? !एक बात निश्चित रूप से कही जा सकती है कि जेल के अधिकारीयों ,डॉक्टरों और कर्मचारियों को अपने भ्रष्ट आचरण पर नियंत्रण लगाना चाहिए !बेसे भी अब राज्य कर्मचारियों के बेतन और सुविधाओं में असाधारण बृद्धि हुई है !बे अपना जीवन सुख पूर्वक बिना रिश्वत लिए जी सकते हैं !
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