भारतीय जनतापार्टी का उद्देश्य इसके जन्म काल से ही भारतीय राष्ट्रीयता को स्थापित करने का रहा है !इस कार्य को शव्दों के घेरे से उठाकर आचरण में उतारने में इसको अभी तक सफलता प्राप्त नहीं हुई दीखती है !भारतीय बाणिज्य की पुरातन पद्धति में विदेशों से आयातित साम्य बाद और समाजबाद के स्थान पर भारत भूमि में उत्पन्न भारतीय समाज बाद रहा है !जिसके अंतर्गत व्योपारी वाणिज्य उचित मुनाफा लेकर देश बासियों की सेवा करते थे !आधुनिक शव्दों में उसे मुक्त बाजार व्यबस्था कहते हैं !केंद्र की भाजपा और राज्यों की भाजपा सरकारें पूंजीपतियों और ,उद्द्योगपतियों को पूर्ण स्वतंत्रता दिए हुए है !किन्तु ये उद्दोगपति स्वतंत्रता का दुरपयोग कर रहे हैं !और सरकारी बैंकों से भारी मात्रा में ऋण प्राप्त कर जनता का भयानक आर्थिक शोषण कर रहे हैं !जमाखोरी और अत्यधिक मूल्य बृद्धि कर बेशुमार लाभ प्राप्त कर रहे हैं !इन उद्द्योगपतियों और व्यापारियों के इस अपराध के कारण भाजपा की सरकारों को पूंजीपतियों और उद्द्योग पतियों का हिमायती कहा जाने लफा है !व्योपारी अपनी जमाखोरी और मुनाफा खोरी की बृत्ति बदलते नहीं दिखाई देते हैं !दालों और खाद्य पदार्थों में अत्यधिक मूल बृद्धि व्यापारियों की इस मुनाफा खोरी का एक उदहारण है !केंद्र सरकार को बाजार पर अंकुश लगाना चाहिए !और पूंजीपति तथा उद्द्योग पति जनता के हित में कार्य करेंगे ? सरकार को इस भ्रम से मुक्त हो जाना चाहिए !और जमाखोरों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यबाही करना चाहिए !
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