सत्याग्रह सप्ताह ---------६अप्रेल से १३ अप्रेल तक सत्याग्रह सप्ताह मनाया जाता था ! ६ अप्रेल १९१९ को रॉलेट एक्ट अधिनियम के विरोध में गांधीजी के आवाहन पर संपूर्ण भारत में हड़ताल की गयी थी ! १३ अप्रेल १९१९ को जालियां वाले बाग की दुखद घटना हुई थी 1 गांधीजी ने देशवासियों का आवाहन करते हुए कहा था यह सप्ताह शुद्ध तपश्चर्या ,शुद्ध भक्ति का और शुद्ध फकीरी का होना चाहिए ! इस सप्ताह में हमें अपनी सब भूलों के लिए ईश्वर से और जिसके प्रति ह्मने बे भूलें की हैं उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए ! हमारा बल हमारी नम्रता में हैं ! इन सात दिनों में हम यह रटें कि हम इसी वर्ष स्वराज्य प्राप्त करेंगे ! इसी वर्ष खिलाफत के प्रश्न का निपटारा करेंगे ! और इसी वर्ष पंजाब के बारे में न्याय प्राप्त करेंगे 1 इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के साधनों पर विचार करके हमें उनकी प्राप्ति के लिए महान प्रयत्न करना चाहिए !
१--ख़िताब प्राप्त व्यक्ति अपना खिताब छोड़ दें
२----वकील वकालत छोड़ दें
३---विद्यार्थी सरकारी स्कूल छोड़ दें
४----वादी और प्रतिवादी सरकारी अदालत का परित्याग करें
५---शराबी तथा और प्रकार के व्यसन करने वाले व्यक्तियों को शराब ,व्यसन ,व्यभिचार ,चोरी और जुआ खेलना अदि छोड़ देना चाहिए!
६---सभी सत्य पर आचरण करने का ब्रत लें
७----अपने अपने घरों में चरखा दाखिल करके ,स्त्री ,पुरुष सभी अमुक समय चरखा कातने का आग्रह रखें
८---सबलोग विदेशी वस्त्रों का त्याग करके सिर्फ हाथ के कते सूत के हाथ से बने हुए कपडे ही पहने
९--हिन्दू ,मुसलमान ,सिख ,ईशाई ,पारसी ,यहूदी ----भारत में जन्मे हुए सभी लोगों को चाहिए की बे परस्पर एक दूसरे के प्रति भाई बहन का व्योहार करें !
१०--- कोई भी हिन्दू किसी को अश्पृश्य ना माने और सबके प्रति समभाव रखे !
११---तिलक स्वराज्य कोष में सभी यथाशक्ति दान दें
--------------------- स्वयं उपर्युक्त कार्य करते हुए और दूसरों से उसे कराने का आग्रह करते समय कोई भी व्यक्ति कड़वी भाषा का प्रयोग ना करे ! ऊपर जो सूची दी गयी है उस से स्पष्ट है कि सबसे बड़ा कार्य चरखे का प्रचार करना है ,खादी पहनना और दान इकठ्ठा करना है ! हमें छठी और सातवीं तारिख को हड़ताल करनी चाहिए 1 मिल मजदूरों को भी पहले से ही इन दो दिनों के लिए छुट्टी का प्रवन्ध कर लेना चाहिए ! जिन्हे छुट्टी ना मिले उन्हें काम बंद नहीं करना चाहिए! ६ और ७ तारीख को पिछली सांझ से २४ घंटों का उपवास करना चाहिए ! जहां सरकारी प्रतिबन्ध ना हो वहां हमें ६,और १३ तारीख को सभाएं आयोजित कर उचित प्रस्ताव पास करने चाहिए प्रत्येक सभा में चन्दा उगाह कर तिलक स्वराज्य कोष में भेज देना चाहिए ! सातवें दिन और मुख्य रूप से उपबास के दो दिनों में एक निश्चित समय लोग सिर्फ शांति और प्रार्थना में बिताएं और इस तरह यह सिद्ध करें की हमारी लड़ाई धर्म की लड़ाई हैं ! हिन्दुस्तान में एक भी गाओं ऐसा नहीं होना चाहिए जहाँ सत्याग्रह का सन्देश ना पहुंचा हो !१४ तारीख को हिन्दुस्तान में प्रत्येक स्त्री पुरुष को यह अनुभव होना ही चाहिए की उन्होंने देश सेवा में और धर्म सेवा में ठीक ठीक भाग लिया है ! और बे पहले से अधिक पवित्र हुए हैं ! -----नवजीवन --२०--३-1921
१--ख़िताब प्राप्त व्यक्ति अपना खिताब छोड़ दें
२----वकील वकालत छोड़ दें
३---विद्यार्थी सरकारी स्कूल छोड़ दें
४----वादी और प्रतिवादी सरकारी अदालत का परित्याग करें
५---शराबी तथा और प्रकार के व्यसन करने वाले व्यक्तियों को शराब ,व्यसन ,व्यभिचार ,चोरी और जुआ खेलना अदि छोड़ देना चाहिए!
६---सभी सत्य पर आचरण करने का ब्रत लें
७----अपने अपने घरों में चरखा दाखिल करके ,स्त्री ,पुरुष सभी अमुक समय चरखा कातने का आग्रह रखें
८---सबलोग विदेशी वस्त्रों का त्याग करके सिर्फ हाथ के कते सूत के हाथ से बने हुए कपडे ही पहने
९--हिन्दू ,मुसलमान ,सिख ,ईशाई ,पारसी ,यहूदी ----भारत में जन्मे हुए सभी लोगों को चाहिए की बे परस्पर एक दूसरे के प्रति भाई बहन का व्योहार करें !
१०--- कोई भी हिन्दू किसी को अश्पृश्य ना माने और सबके प्रति समभाव रखे !
११---तिलक स्वराज्य कोष में सभी यथाशक्ति दान दें
--------------------- स्वयं उपर्युक्त कार्य करते हुए और दूसरों से उसे कराने का आग्रह करते समय कोई भी व्यक्ति कड़वी भाषा का प्रयोग ना करे ! ऊपर जो सूची दी गयी है उस से स्पष्ट है कि सबसे बड़ा कार्य चरखे का प्रचार करना है ,खादी पहनना और दान इकठ्ठा करना है ! हमें छठी और सातवीं तारिख को हड़ताल करनी चाहिए 1 मिल मजदूरों को भी पहले से ही इन दो दिनों के लिए छुट्टी का प्रवन्ध कर लेना चाहिए ! जिन्हे छुट्टी ना मिले उन्हें काम बंद नहीं करना चाहिए! ६ और ७ तारीख को पिछली सांझ से २४ घंटों का उपवास करना चाहिए ! जहां सरकारी प्रतिबन्ध ना हो वहां हमें ६,और १३ तारीख को सभाएं आयोजित कर उचित प्रस्ताव पास करने चाहिए प्रत्येक सभा में चन्दा उगाह कर तिलक स्वराज्य कोष में भेज देना चाहिए ! सातवें दिन और मुख्य रूप से उपबास के दो दिनों में एक निश्चित समय लोग सिर्फ शांति और प्रार्थना में बिताएं और इस तरह यह सिद्ध करें की हमारी लड़ाई धर्म की लड़ाई हैं ! हिन्दुस्तान में एक भी गाओं ऐसा नहीं होना चाहिए जहाँ सत्याग्रह का सन्देश ना पहुंचा हो !१४ तारीख को हिन्दुस्तान में प्रत्येक स्त्री पुरुष को यह अनुभव होना ही चाहिए की उन्होंने देश सेवा में और धर्म सेवा में ठीक ठीक भाग लिया है ! और बे पहले से अधिक पवित्र हुए हैं ! -----नवजीवन --२०--३-1921
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