कुछ दिन पहले समाचार आयाथा की राजस्थान में एक अतिरिक्त जिलाधीश एक किसान
से तीन लाख की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था! जबकि उसकी प्रतिमाह की
तनख्वाह एक लाख रूपए है! आज समाचार आया है कि गरौठा तहसील में एक कानूनगो
एक किसान से १५००० हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है !पोलिस भर्ती
में हुई धांदली में युवक कई दिन से आंदोलन कर रहे हैं !रिश्वत खोरी और
सरकार के स्तर से होने वाली धांधली का विरोध यह लोकतंत्र को मजबूत करने के
लिए उठाया गया सही कदम है और स्वागत योग हैं !सरकारी अधिकारिओं
कर्मचारिओं के वेतन और सुबिधाओं में असाधारण बृद्धि हुई है! और उनका जीवन
स्तर आमजनता के मुकाबले बहुत ऊँचा पहुँच गया है !बेतन बृद्धि के बाद रिश्वत
खोरी कामचोरी ख़त्म होनी चाहिए थी !किन्तु परिणाम इसका उल्टा हुआ है! वेतन
बृद्धि के साथ इन लोगों ने रिश्वत की राशि भी बढ़ा दी है !कचेर्री में
तहसील में रजिस्ट्री कार्यालय में जहाँ किसानो के काम पड़ते हैं खुले आम
रिश्वत का लेन देन होता है! ऐसे तो शायद ही कोई कार्यालय हो जहाँ रिश्वत
खोरी न होती हो !रिश्वत ने अब लूट का रूप लेलिया है !बर्तमान समय में मेरी
दृष्टि में सच्चे भारत के सपूत बे हैं जो रिश्वत नहीं खाते हैं तथा अनुचित
साधनो से धन संग्रह नहीं कतरे हैं !और बस्तवीक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी
बे हैं जो रिश्वत खोरों को पकड़वाते है! और धांदली के विरुद्ध आंदोलन करते
हैं ! क्योँकि इस समय इसी देश सेवा की आवश्यकता है !
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