Saturday, 26 March 2016

भारत की आत्मा में शक्ति का भण्डार भरा पड़ा है यहां से संस्कृति का सर्वांगीण आध्यात्मिक ज्ञान समय  समय पर प्रगट होता रहता है ! थकान आना कोई आश्चर्यजनक घटना नहीं है ! दिन भर उड़ान भरने के बाद पकछी भी थक जाते हैं और मनुष्य तथा पशु भी थक जाते हैं  !और उन्हें भी रात्रि में विश्राम करना पड़ता है !थका हुआ भारत फिर से जागा  और उसने परतंत्रता की बेड़ियों को समाप्त कर दिया और भारत समाज सुधार में लग गया ! स्वातंत्र्य के अनेक प्रवक्ता भारतीय जन समाज में प्रगट हुए उन्होंने समाज सुधार किये ,धर्म सुधार किये  ! ऐसे ही एक प्रवक्ता राजा राममोहन राय थे उन्होंने भारतीयों को जगाया और कहा उठो निद्रा और आलस्य तथा प्रमाद को त्यागो बहुत बुराईयां समाज में आगई हैं धर्म में जड़ता और अंधविश्वास पैठ गया है ! उपनिषद का धर्म कितना उज्जवल था इसलिए धर्म में सुधार करो ! और उन्होंने समाज के कट्टर पंथियों के विरोध के बाद भी सती प्रथा समाप्त कराने में सफलता पायी !जैसे सोने को तपाने से उसमे शुद्धता आती है उसी प्रकार भारत के मनीषियों ने भी परतंत्र भारत में भी सभी धर्मों के प्रेरक समाज निर्माण और रचनात्मक विचार ग्रहण किये और उन्ही विचारों से अंग्रेजो को स्वतंत्रता का महत्त्व समझा कर भारत को स्वतंत्र कराने  के लिए संघर्ष किया ! दादाभाई नौरोजी रानाडे अदि इसी कोटि के महापुरुष थे ! श्री अरविंदो पश्चिम की सभी संस्कृति को आत्मसात कर गए और विज्ञान ,साहित्य ,काव्य ,राजनीति ,अर्थशास्त्र ,तत्तवज्ञान अदि सभी में प्रवीण हो गए ! इसके बाद उन्होंने उपनिषदों का अध्ययन किया, वेदों पर भाष्य लिखा, गीता पर चिंतन प्रस्तुत किया और अतिमानस का नया योग शास्त्र संसार को दिया ! इस तरह भारतीय संस्कृति को और प्रभावी बनाया ! दो संस्कृतियों के संगम से परिपक्व मधुर फल का निर्माण हुआ ! महात्मा गांधी भी दो संस्कृतियों के संगम थे  !उन्होंने पश्चिम का विचार आत्मसात किया और भारत की धर्म संस्कृति की उपासना की ! इस तरह भारत को जगाने का काम अनेक महापुरुषों ने किया ! जिनमे  भारत को गुलामी से मुक्त कराने की तीब्र तड़प थी उन्होंने हिंसा का सहारा लिया और पश्चिमी देशों में उत्पन्न नवोदित समाज को बदलने वाला समाजवादी साम्यवादी आयातित विचार ग्रहण किया ! किन्तु जो भारतमाता की महान आध्यात्मिक परंपरा से प्रभावित थे उन्होंने इसी महान परंपरा से धर्म में से धर्मान्धता रूपी कूड़े को निकालने का प्रयत्न ! किया जाग जाने पर बाघ ,सिंह ,गधा ,पशु पकछी अदि जैसे सोते हैं जागने पर बे वैसे ही होते हैं शेर शेर होकर जागेगा और गधा गधा होकर ही  जगेगा भारत जागा  है तो वह उसी आध्यात्मिक गौरव ,शक्ति और शौर्य के साथ जागा है   जिसके साथ और जिस रूप स्वरुप में वह सोया था !

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