Friday, 19 February 2016

उलझे मुद्दे से उभरे सबाल ======== मुद्दा तो स्पष्ट था कि जिन छात्रों या लोगों ने अफजल गुरु को शहीद बताकर कश्मीर की आजादी और भारत की बर्बादी के नारे लगाये थे और पाकिस्तान जिंदाबाद आदि के देश विरोधी नारे लगाकर और भारत की न्यायिक और संवेधानिक व्यबस्था पर प्रहार किया था !उनके विरुद्ध राजद्रोह के अंतर्गत कार्यवाही की जानी चाहिए थी !किन्तु पोलिस  ने जल्दबाजी में जे एन यु छात्र संघ के अध्यक्छ कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर प्रकरण को उलझा मामला बना दिया !कन्हैया कुमार की कोई भूमिका इन देश विरोधी नारों में नहीं थी !उनके संपूर्ण भाषण को गिरफ्तारी के पूर्व ना तो पुलिस ने जरूरी समझा और ना ही उस पर ध्यान दिया गया था !इसीलिए यह देश विभाजक नारे बाजी करने वाला प्रकरण राजनैतिक प्रहार का साधन बन गया !और जो वास्तविक अपराधी थे !उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई !जिन लोगों ने यह राष्ट्र विरोधी नारेबाजी की थी उनकी गिरफ्तारी की सहमति सभी राजनैतक दलों ने दी थी !केंद्रीय गृह मंत्री ने भी राजनैतिक दलों को यह आश्वासन दिया था !की किसी भी निर्दोष व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं की जायेगी !इसके बाद भी पूरी तरह से निर्दोष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया !दुर्भाग्य से पुलिस पूरी तरह से सत्ताधारी राजनैतिक दलों को प्रसन्न करने के लिए इस प्रकार के फर्जी और झूठे मुकदमे सत्ताधारी दल की खिलाफत करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध लगाकर उनको गिरफ्तार कर लेती है !इसी कारण से कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया !क्योंकि वह संघ और भाजपा का विरोधी है !और सम्यबादी विचार का है !इस गिरफ्तारी के कारण सारे देश में छात्रों और बुद्धिजीवियों तथा राजनैतिक दलों में उबाल गया !और अब स्थिति यह हो गयी है की पुलिस उसकी जमानत का भी विरोध नहीं कर पा रही है

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