कोई भी घोटाला हो उसमे सत्ताधारी ताकतबर नेताओं की अहम भमिका और भ्रष्ट अधिकारियों का सहयोग और ईमानदार अधिकारीयों की चुप्पी होती है !इसिलए जब जाँच शुरू होती है !तो उसमे भी ऐसे अधिकारीयों को शामिल किया जाता है जो घोटालेबाजों को क्लीन चिट देने की कोशिश करने वाले होते हैं !किन्तु जाँच में कुछ ऐसे तथ्य उजागर हो जाते हैं ! जिनको जाँच अधिकारी घोटाला करने वालों के पक्ष में नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं !इसीलिए व्यापम घोटाले में अबतक बहुत से लोगों की हत्या हो चुकी है !और अब जांच अधिकारीयों को भी जान से मारने की धमकी दी जारही है !राज्य सरकार पर पक्ष पात के गंभीर आरोप लगाये जा रहे है !स्वयं मुख्यमंत्री की भी संलिप्तता बतायी जा रही है !ऐसे में न्यायय हित में अच्छा तो यह होता की जाँच केंद्रीय जाँच एजेंसी को सौंप दी जाती !व्यापम घोटाला बड़ी मात्रा में हुआ है !इस घोटाले में राज्य सरकार क मंत्री और बड़े अधिकारी शामिल रहे हैं !यह भी कुछ हद तक जाँच से सिद्ध हो चूका है !अब जो जाँच चल रही है !इसमें मुख्यमंत्री सहित अन्य बरिष्ठ अधिकारी जांच के घेरे में है !इसीलिए अब जांच एजेंसी पर सभी प्रकार के दबाव डाले जाएंगे
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