Friday, 30 September 2016

१(२२) अर्जुन अब भगवन श्री कृष्णा से कहता है की में युद्ध में उपस्थित सभी योद्धाओं को देखना चाहता हूँ कि जिनके साथ मुझे युद्ध करना है यह योद्धा की सावधनी युक्त दृष्टि है कि वह भली प्रकार यह जान ले और समझ ले की उसके बिरुद्ध युद्ध करने वालों की सामर्थ्य क्या है? ताकि वह तदनुसार तैयारी कर युद्ध मैदान में मुकाबला करने के लिए तैयार रहे.

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