आजकल मोदी जी लोकतंत्र में अधिनायक की तरह काम कर रहे हैं !भारत अभी भी अधिनायक वाद से मुक्त नहीं हो पाया है !घड़ा कुम्हार का निर्माण नहीं करता है !कुम्हार हे घड़े का निर्माण करता है !लोकतंत्र में कुम्हार जनता होती है और घड़ा सरकार !जबकि अधिनायक बाद में में ठीक इसके विपरीत होता है !देश में लोकतान्त्रिक अधिनायक बाद चल रहा है ! भाजपा राज्यों में सत्ता में आने के पहले कार्यकर्ताओं की पार्टी थी !यह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेतृत्त्व में संचालित होती थी !राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ऐसे कर्मठ आत्मत्यागी और हिन्दू धर्म के पुनरुत्थान के लिए समर्पित व्यक्तियों का समूह था !जो मुसलमानो और ईसाईयों के द्वारा शाषित भारत को इन धर्मों के संस्कृत स्वरुप से मुक्त करना चाहता था !इसीलिए इसको हिन्दू मुस्लिम एकता के लिए प्रयत्न शील गांधीजी घोर शत्रु मालुम पड़ते थे !राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ लक्छ्य प्राप्ति के लिए शिवाजी महाराज की नीतियों का समर्थक है !और वह अपने हिन्दू धर्म के पुनरुत्थान के लिए सभी अपवित्र ,कूटनैतिक साधनो का उपयोग करता है !साधन शुद्धि को यह संगठन लक्छ्य प्राप्ति के लिए गेर जरूरी मानता है ! गाँधी जी इसके उलट साधन शुद्धि को लक्छ्य प्राप्ति से भी अधिक जरूरी मानते थे !उनका यह दृढ विश्वास था कि अपवित्र साधनो से लोकहितकारी लक्छ्य प्राप्त नहीं किया जा सकता है ! मोदी जी संघ के समर्पित स्वयं सेवक रहे हैं ! इसीलिए बे संघ की नीतियों के अनुसार देश को नयी दिशा देने का प्रयत्न निम्न प्रकार से कर रहे हैं
१---- गांधीजी और नेहरूजी पर सभी प्रकार के मनगढंत ,झूठे आरोप लगाकर उनका चरित्र हनन मोदी भक्त कर रहे हैं
२----- सरदार बल्लभ भाई पटेल अगर देश के प्रथम प्रधान मंत्री होते ,!तो देश बहुत उचाई पर होता !उनको गांधीजी ने प्रधान मंत्री नहीं बनने दिया !इस बड़े झूठ को स्वयं मोदी जी अपने भाषणों में व्यक्त करते हैं !और मोदी के अंधभक्त तो गांधीजी पर इस प्रकरण कोलेकर गाँधी जी पर गालियों की बौछार करते रहते हैं !चूँकि झूठ बोलने में और मनगढंत आरोपों को लगाने में इन्हें कोई लज्जा या शर्म नहीं आती है !इसीलिए ये पटेल के सम्बन्ध में भी सही तथ्य प्रस्तुत नहीं करते हैं ! गाँधी जी की हत्या के बाद पटेल ने ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को प्रितिबंधित किया था !और गांधीजी की हत्या के आरोप में सावरकर और गुरु गोलबलकर को गिरफ्तार किया गया था !संघ ने भारत सरकार को यह लिखकर दिया था कि वह सिर्फ सांस्कृतिक संगठन के रूप में कार्य करेगा ! सर्दार पटेल जुलाई १९४६ में नेहरू मंत्रिमंडल में गृहमंत्री के रूप में सम्मिलित हुए थे !उन्होने बहुत से राष्ट्र निर्माण के महत्त्व पूर्ण कार्य किये थे ! बे एक कुशल प्रशासक थे !बे उच्चकोटि के देश भक्त थे !उनके नेहरू जी से मतभेद थे !किन्तु बे या नेहरूजी कभी भी किसी पद के दाबे दार नहीं थे !न ही प्रधान मंत्री पद को लेकर कोई विवाद था !पटेल गृहमंत्रालय चलाने में पूर्ण स्वतंत्र थे !बे प्रधान मंत्री पद को कोई महत्त्व नहीं देते थे !बे यथार्थ बादी सख्त प्रशाशक थे ! बे मुसलमानो को विशेष दर्जा जिसे मुस्लिम तुष्टिकरण कहा जाता है !देने के पक्छ्धर नहीं थे !
इस प्रश्न पर उनमें गांधीजी और नेहरू जी से मतभेद थे !जब गांधीजी ने १३ जनबरी १९४८ को मुसलमानो की सुरक्छा के लिए अनशन किया था !और उसी अनशन के कारण भारत सरकार को अपना निर्णय बदलकर पकिस्तान को ५५ करोड़ रुपया देना पड़ा था !उस से बे बहुत दुखी हो गए थे !मुसलमान लोग पटेल के विरुद्ध थे !और उनकी शिकायत गांधीजी से करते थे ! किन्तु गाँधी जी हमेशा पटेल की राष्ट्र भक्ति के प्रशंसक रहे और बो कहते थे !कि मुसलमानो को पटेल की ईमानदारी पर संदेह नही करना चाहिए !इन सब अच्छाईयों के बाद भी पटेल का स्वास्थय ठीक नहीं रहता था उन्होने अपना साढ़े चार साल का गृहमंत्री के कार्यकाल को ढाई साल अस्पताल से चलाया था !उन्होंने अपनी म्रत्यु के दो महीने पूर्व २ अकटूबर १९५० में इंदौर में अपने भाषण में कहा था कि नेहरूजी हमारे नेता है !उनको गांधीजी ने अपना राजनैतिक उत्तराधिकारी घोषित किया है !हम कांग्रेस के बफादार सिपाही हैं !हम जहाँ हैं !वहीं ठीक हैं !उनकी म्रत्यु दिसंबर १९५० में हो गयी थी !अब उनको देश का प्रधान मंत्री बनाने के लिए स्वर्गलोक से तो बापिस लाया नहीं जासकता था !
३----- यह नहीं कहा जा सकता है कि कांग्रेस ने अपने शासन में सभी काम अच्छे किये !कांग्रेस ने कुछ गंभीर भूलें भी की है !इसीलिए जनता ने उसको सत्ता से बाहर कर दिया है !किन्तु कांग्रेस ने देश को एक सुदृढ़ आर्थिक और लोकतान्त्रिक ढांचा भी दिया है !यद्दपि कांग्रेस ने भी गांधीजी की आर्थिक नीतियों का जिसमें ग्रामों की संरचना और ग्रामीण कृषि आधारित अर्थ व्यबस्था को प्रधानता दी गयी थी उसको नजरन्दाज किया !इस भूल को नेहरूजी ने स्वीकार भी किया था !किन्तु इसके तत्काल बाद उनकी म्रत्यु होगयी !
4 ------- मोदीजी के हाथों में सत्ता और संगठन दोनों हैं ! देश की संरचना स्मार्टसिटी का निर्माण करके और सभी प्राकृतिक संसाधनों को पूंजीपतियों को सौंपदेने की नीति पर बे चल रहे हैं !संछेप में वह १९४७ से लेकर अब तक सम्पूर्ण आर्थिक और सामाजिक ढांचा बदलने के लिए कृत संकल्पित दिखाई देते हैं !रेलों का प्राइवेट कंपनियों को सौपने का यह प्रयत्न उसी श्रृंखला का एक कदम है !
१---- गांधीजी और नेहरूजी पर सभी प्रकार के मनगढंत ,झूठे आरोप लगाकर उनका चरित्र हनन मोदी भक्त कर रहे हैं
२----- सरदार बल्लभ भाई पटेल अगर देश के प्रथम प्रधान मंत्री होते ,!तो देश बहुत उचाई पर होता !उनको गांधीजी ने प्रधान मंत्री नहीं बनने दिया !इस बड़े झूठ को स्वयं मोदी जी अपने भाषणों में व्यक्त करते हैं !और मोदी के अंधभक्त तो गांधीजी पर इस प्रकरण कोलेकर गाँधी जी पर गालियों की बौछार करते रहते हैं !चूँकि झूठ बोलने में और मनगढंत आरोपों को लगाने में इन्हें कोई लज्जा या शर्म नहीं आती है !इसीलिए ये पटेल के सम्बन्ध में भी सही तथ्य प्रस्तुत नहीं करते हैं ! गाँधी जी की हत्या के बाद पटेल ने ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को प्रितिबंधित किया था !और गांधीजी की हत्या के आरोप में सावरकर और गुरु गोलबलकर को गिरफ्तार किया गया था !संघ ने भारत सरकार को यह लिखकर दिया था कि वह सिर्फ सांस्कृतिक संगठन के रूप में कार्य करेगा ! सर्दार पटेल जुलाई १९४६ में नेहरू मंत्रिमंडल में गृहमंत्री के रूप में सम्मिलित हुए थे !उन्होने बहुत से राष्ट्र निर्माण के महत्त्व पूर्ण कार्य किये थे ! बे एक कुशल प्रशासक थे !बे उच्चकोटि के देश भक्त थे !उनके नेहरू जी से मतभेद थे !किन्तु बे या नेहरूजी कभी भी किसी पद के दाबे दार नहीं थे !न ही प्रधान मंत्री पद को लेकर कोई विवाद था !पटेल गृहमंत्रालय चलाने में पूर्ण स्वतंत्र थे !बे प्रधान मंत्री पद को कोई महत्त्व नहीं देते थे !बे यथार्थ बादी सख्त प्रशाशक थे ! बे मुसलमानो को विशेष दर्जा जिसे मुस्लिम तुष्टिकरण कहा जाता है !देने के पक्छ्धर नहीं थे !
इस प्रश्न पर उनमें गांधीजी और नेहरू जी से मतभेद थे !जब गांधीजी ने १३ जनबरी १९४८ को मुसलमानो की सुरक्छा के लिए अनशन किया था !और उसी अनशन के कारण भारत सरकार को अपना निर्णय बदलकर पकिस्तान को ५५ करोड़ रुपया देना पड़ा था !उस से बे बहुत दुखी हो गए थे !मुसलमान लोग पटेल के विरुद्ध थे !और उनकी शिकायत गांधीजी से करते थे ! किन्तु गाँधी जी हमेशा पटेल की राष्ट्र भक्ति के प्रशंसक रहे और बो कहते थे !कि मुसलमानो को पटेल की ईमानदारी पर संदेह नही करना चाहिए !इन सब अच्छाईयों के बाद भी पटेल का स्वास्थय ठीक नहीं रहता था उन्होने अपना साढ़े चार साल का गृहमंत्री के कार्यकाल को ढाई साल अस्पताल से चलाया था !उन्होंने अपनी म्रत्यु के दो महीने पूर्व २ अकटूबर १९५० में इंदौर में अपने भाषण में कहा था कि नेहरूजी हमारे नेता है !उनको गांधीजी ने अपना राजनैतिक उत्तराधिकारी घोषित किया है !हम कांग्रेस के बफादार सिपाही हैं !हम जहाँ हैं !वहीं ठीक हैं !उनकी म्रत्यु दिसंबर १९५० में हो गयी थी !अब उनको देश का प्रधान मंत्री बनाने के लिए स्वर्गलोक से तो बापिस लाया नहीं जासकता था !
३----- यह नहीं कहा जा सकता है कि कांग्रेस ने अपने शासन में सभी काम अच्छे किये !कांग्रेस ने कुछ गंभीर भूलें भी की है !इसीलिए जनता ने उसको सत्ता से बाहर कर दिया है !किन्तु कांग्रेस ने देश को एक सुदृढ़ आर्थिक और लोकतान्त्रिक ढांचा भी दिया है !यद्दपि कांग्रेस ने भी गांधीजी की आर्थिक नीतियों का जिसमें ग्रामों की संरचना और ग्रामीण कृषि आधारित अर्थ व्यबस्था को प्रधानता दी गयी थी उसको नजरन्दाज किया !इस भूल को नेहरूजी ने स्वीकार भी किया था !किन्तु इसके तत्काल बाद उनकी म्रत्यु होगयी !
4 ------- मोदीजी के हाथों में सत्ता और संगठन दोनों हैं ! देश की संरचना स्मार्टसिटी का निर्माण करके और सभी प्राकृतिक संसाधनों को पूंजीपतियों को सौंपदेने की नीति पर बे चल रहे हैं !संछेप में वह १९४७ से लेकर अब तक सम्पूर्ण आर्थिक और सामाजिक ढांचा बदलने के लिए कृत संकल्पित दिखाई देते हैं !रेलों का प्राइवेट कंपनियों को सौपने का यह प्रयत्न उसी श्रृंखला का एक कदम है !
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